हेयर स्मूथिंग प्रक्रिया के बारें में आप क्या जानते है? जानें इसे करने का तरीका..

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आज के समय में रीबॉन्डिंग, स्मूदनिंग जैसे हेयर ट्रीटमेंट का चलन काफी देखने को मिल रहा है। यदि आपके बाल बहुत ज्यादा घुंघराले या मोटे और उलझे हुये होते हैं तो स्मूदनिंग ट्रीटमेंट के जरिये आप अपने बालों को बिल्कुल सीधा बना सकती है। हेयर स्मूदनिंग ट्रीटमेंट आपके बालों को नेचुरल बनाए रखने के साथ उसे सिल्की और स्मूथ बनाये रखने में मदद करता है। इसके अलावा स्मूदनिंग कराने के बाद आप अपने बालों को आसानी से मैनेज भी कर सकते हैं।

 बैसे आज के समय में बालों को सुंदर चमकदार बनाने के लिये आप कृत्रिम रूप से बनी केराटिन पद्धति का भी उपयोग कर सकते है। इससे बालों को अपनी पसंद के अनुसार शेप दे सकते हैं। इन दिनों केराटिन हेयर ट्रीटमेंट का काफी जोर देखने को मिल रहा है जो कि पूरी तरह से एक केमिकल ट्रीटमेंट प्रक्रिया है। इसमें फॉर्मल्डिहाइड, कंडीशनर और केराटिन से बालों को असानी के साथ सीधा, नर्म और मुलायम बना सकती है।

स्मूदनिंग एक ऐसा ट्रीटमेंट है जिसमें केमिकल का उपयोग किया जाता है जिसकी मदद से बालों को सीधा किया जाता है। ये केमिकल बालों के भीतर तक जाकर उन्हें सीधा करते हैं। ये काफी स्ट्रांग होते हैं, इसलिए इसे करवाने के बाद बालों को काफी देखभाल और पोषण की जरूरत होती है। हालांकि ये रिबॉन्डिंग से कहीं ज्यादा बेहतर है।

हेयर स्मूथिंग प्रक्रिया क्या है

बालों की क्वालिटी को अच्छा बनाये रखने के लिये Smoothening सबसे बेहतर ऑप्शन है। बालों की Smoothening में केराटीन का उपयोग किया जाता है। जिससे बालों को मुलायम, चमकदार और स्वास्थ्यवर्धक बनाया जाता है। बालों को मुलायम तथा चमकदार बनाने में कंडीशनर, हेयर सीरम, हेयर वटर काफी मददगार साबित होते है।

इस टेक्नीक को केराटिन हेयर ट्रीटमेंट के नाम से जाता है। जो पूरी तरह से एक केमिकल युक्त ट्रीटमेंट होता है। इसमें फॉर्मल्डिहाइड, कंडीशनर और केराटिन का मदद से बालों को सीधा, नर्म और मुलायम बनाया जाता है।

फॉर्मल्डिहाइड का इस्तेमाल करने से बाल लंबे समय तक नर्म और मुलायम बने रहते हैं। दूसरी तरफ केराटिन बालों को मजबूत बनाता है, बालों को झड़ने और टूटने से रोकता है। हालांकि, केराटिन हेयर ट्रीटमेंट बालों को स्थायी रुप से सीधा और लंबा बनाये नही रख सकता है। इसकी अवधि 4 से 6 महीने के बीच तक की होती है। हर चार महीने के बाद फिर से ट्रीटमेंट कराना पड़ता है।

इस ट्रीटमेंट की प्रकिया दो से ढाई घंटे की होती है। इसके सबसे पहले बालों को वॉश करके उसे अच्छे से सुखाता है। उसके बाद केराटिन हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोडक्ट लगाते हैं और फिर इसे सूखने के लिए सपाट आइरन से बालों को गर्म करते हैं। इससे बाल सीधे और मजबूत हो जाते है। ट्रीटमेंट के बाद तीन-चार दिन से पहले अपने बालों को नहीं धो सकते हैं, क्योंकि केमिकल सॉल्युशन्स को काम करने में 2 से 3 तक का समय लगता है।

आवश्यक सामग्री-

  • केराटिन हेयर प्रोडक्ट
  • एक ब्लो ड्रायर
  • शैम्पू
  • आयरन
  • कंघी

घर पर हेयर स्मूथनिंग / केराटिन ट्रीटमेंट की स्टेप बाई स्टेप करने की प्रक्रिया –

  • सबसे पहले अपने बालों को शैम्पू से धोएं, लेकिन कंडीशनर का इस्तेमाल न करें।
  • उन्हें ब्लो ड्रायर से तब तक सुखाएं जब तक की बालों की सारी नमी न निकल जाए।
  • अब बालों के चार सेक्शन में बांट लें।
  • बालों की प्रत्येक भाग पर केराटिन हेयर प्रोडक्ट लगाएं।
  • केराटिन के घोल को पूरे बालों में फैलाने के लिए कंघी का प्रयोग करें।
  • घोल को 25-30 मिनट के लिए ऐसे ही लगे रहने दे।
  • घोल लगाने के बाद हर 10 मिनट के बाद अपने बालों में कंघी करते रहें।
  • पानी से धोयें और उन्हें फिर से सूखायें।
  • इसके बाद पूरे सिर पर केराटिन किट का मस्त लगाए।
  • इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और इसे एक केप के साथ कवर कर लें।
  • इसके बाद काफी पानी से बालों को साफ करें।
  • अब ब्लो ड्रायर से बालों को सुखाएं फिर हीटिंग आयरन का 8-10 बार उपयोग करके बालों को स्ट्रेट करें।

केराटिन ट्रीटमेंट एक रासायनिक प्रक्रिया है, जिससे बाल तो ठीक रहते है लेकिन इसे कुछ जटिल प्रक्रियाओं से भी होकर गुजरना पड़ता है केराटिन ट्रीटमेंट के लिये कई तरह के केमिकल्स का उपयोग होता है, इसलिए जिसकी त्वचा संवेदनशील होती है उन्हे स्किन एलर्जी हो सकती है इसलिये इस प्रक्रिया का उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेने की सिफारिश की जाती है।

हेयर स्मूथनिंग प्रो –

  • हेयर स्मूथनिंग प्रक्रिया में किसी उपकरण उपयोग नहीं किया जाता बल्कि उंगलियों पर निर्भर होती है। केराटिन ट्रीटमेंट के द्वारा बालों के अदंर प्रोटिन को लंबे समय तक के लिये रूपातरित किया जाता है।
  • इस ट्रीटमेंट में आपके बालों को रासायनिक चीजों का इस्तेमाल करके ट्रीट किया जाता है। इसमें बालों पर प्रोटीन की एक परत चढ़ाई जाती है जिससे बाल सुंदर और चमकदार बनते है। इसे एक बहुत ही हल्की प्रक्रिया माना जाता है। इससे बालों को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता है।
  • यदि आप अपने बालों का स्ट्रैटनर लुक प्राप्त करना चाहते हैं, तो बालों के लिये हेयर स्मूथनिंग प्रक्रिया बेहतर विकल्प है।

हेयर स्मूथनिंग प्रक्रिया (साइड इफेक्ट्स) –

  • फॉर्मलाडिहाइड आंखों या त्वचा में जलन जैसे कुछ दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है।
  • चूंकि यह एक हल्की प्रक्रिया है, इसलिए इसका असर अधिक समय तक नहीं पाता हैं।
  • हेयर स्मूथनिंग प्रक्रिया से बाल पूरी तरह से सीधे नही हो पाते। ना ही इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है कुछ ही समय के बाद आपको बाल घुघरालें होने लगते है।

यदि आपके बाल घुंघराले हैं, तो इस प्रक्रिया का उपयोग कतई ना करें। इसका उपयोग करने के बाद आपके बाल कुछ ही दिनों में कर्ल हो जायेगें हैं।

हेयर स्मूथनिंग प्रक्रिया के बाद सावधानियां और देखभाल

जैसा कि हमने आपको उपर बताया है कि यह एक रासायनिक प्रक्रिया है, हालांकि इस प्रक्रिया के बाद आपको माइल्ड शैपू का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

  • बालों में अच्छे कंडीशनर का उपयोग करें। जिससे बालों को उचित पौषण मिल सके।
  • हेयर मास्क आपके बालों में उपयोग किये जानें वाले केमिकल्स के प्रभाव को कम करके बालों को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है।
  • हेयर स्मूथनिंग उपचार का उपयोग करने के बाद याद इस चीज का विशेष द्यान दें। कि उपचार के दौरान बालों में तेल मालिश ना करें। क्योंकि यह हेयर स्मूथनिंग उपचार के प्रभाव को कम करता है जिससे बालों पर उपचार का असर कम हो सकता है।
  • आप अपने बालों को मॉइस्चराइजर करने के लिए हेयर सीरम का इस्तेमाल करें।
  • नियमित ब्रश करने से भी मदद मिलती है।

कुछ ही समय के बाद यदि आपके बालों पर इसका असर खत्म होने लगे तो इसके लिये आप चितित ना रहे क्योकि हेयर स्मूथनिंग उपचार स्थाई उपचार नही है।..

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