कहा जाता है कि सुबह निकलते सूर्य की किरणें शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। लेकिन इनके अधिक देर तक शरीर पर पड़ने से नुकसान भी हो सकते हैं। चिलचिलाती गर्मी की धूप त्वचा के लिए बेहद खतरनाक साबित होती है। इस धूप में मौजूद यूवीए, यूवीबी और यूवीसी किरणें त्वचा को जला भी सकती हैं। सनबर्न, सूर्य के हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन (यूवीए, यूवीबी और यूवीसी) के अत्यधिक संपर्क में आने के कारण त्वचा रूखी, बेजान, झुर्रियों वाली हो जाती है, साथ ही बार-बार सनबर्न हो तो भविष्य में त्वचा की गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकता है।

कैसे करें बचाव

सनबर्न से बचने का सबसे असान तरीका है कि आप दस से चार बजे की धूप से स्वयं को बचाना होगा, लेकिन यदि यह संभव नहीं तो इससे बचने के लिए आप जब भी धूप में बाहर निकलें, खुद को पूरी तरह कवर करके ही निकलें। इसके लिए छाता, चैड़ी किनारी वाली हैट, कॉटन ग्लव्स, स्कार्फ आदि का प्रयोग करें। पूरी बांह के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। वैसे तो सनबर्न से त्वचा को बचाने के लिए कई कंपनियां अपने अपने प्रोडक्ट ला रही है पर आप उसी क्रीम का इस्तेमाल करें, जो विश्वसनीय हो और जो अपकी त्वचा को पूरा प्रोटेक्ट कर सके।

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सनस्क्रीन का सही चुनाव

हमारी त्वचा को सनर्बन से बचाने के लिए एवं त्वचा में प्राकृतिक नमी बनाए रखने के लिए मॉइश्चराइज करना बेहद जरूरी होता है। आजकल बाजार में ऐसे बहुत से सनबर्न त्वचा को बचाने में उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसके लिए सही सनस्क्रीन का चुनाव करना बेहद जरूरी है। सनस्क्रीन खरीदते समय पैक पर लिखे एसपीएफ यानी सन प्रोटेक्शन फैक्टर पर अवश्य ध्यान दें। हाई एसपीएफ वाली सनस्क्रीन त्वचा को अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन से होने वाले दुष्प्रभावों से ज्यादा बचाती है। सनस्क्रीन जितने अधिक एसपीएफ वाली होगी, वह त्वचा को सनबर्न से बचाने में उतनी ही मददगार होगी। बढ़ती गर्मी और वातावरण पर प्रदूषण के असर को देखते हुए हमारे लिए एसपीएफ 15 से लेकर एसपीएफ 30 वाले सनस्क्रीन लोशन अधिक प्रभावी होते हैं।

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सामान्य त्वचा

यदि आपकी त्वचा सामान्य है तो एसपीएफ 30 वाली सनस्क्रीन का प्रयोग करें और आप घर से बाहर निकलने से 20 से 30 मिनट पहले सनस्क्रीन लगा कर ही निकलें।

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तैलीय त्वचा

यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो आपको और अधिक सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ऐसी त्वचा में पिंपल्स और रैशेज होने का खतरा होता है। यदि त्वचा हल्की रंगत की है तो एसपीएफ 40 वाली सनस्क्रीन का प्रयोग करें। इस प्रकार की सनस्क्रीन का प्रयोग कर आप त्वचा को सन डैमेज से काफी हद तक बचा जा सकते हैं।

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रूखी त्वचा के लिए

सनबर्न से रूखी त्वचा काफी मुरझा जाती है। इसे दूर करने में सनस्क्रीन लोशन चेहरे को मैट फिनिश लुक देने के साथ साथ हानिकारक किरणों से भी बचाता है। नॉन स्टिकी (गैर चिपचिपा) फार्मूले के कारण यह तैलीय त्वचा के लिए एक बेहतर विकल्प है। यह लोशन आपको हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाता है और साथ ही त्वचा को मुलायम भी रखता है। इसके साथ साथ इसमें SPF-15 वाला सिन्नाब्लॉक होता है, जो हर तरह की त्वचा के लिए उपयोगी होता है।

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आंखों का भी करें बचाव

सनबर्न का असर हमारे चेहरे पर ही नहीं हमारी आंखों पर भी अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन का गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है, इसलिए चेहरे की त्वचा के साथ इनका भी बचाव बेहद जरूरी है। आंखों को खतरनाक किरणों से बचाने के लिए सनग्लासेज का प्रयोग जरूरी है, क्योंकि यह न केवल आंखों को, बल्कि उसके आसपास की त्वचा को भी हानिकारक किरणों से बचाते हैं। सनग्लासेज के प्रयोग में भी सावधानी बरतें और अच्छी गुणवत्ता वाले सनग्लासेज का ही प्रयोग करें।

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हमारी बातों को ध्यान में रखते हुए सावधनियां बरतें और आप सनबर्न से प्रभावित स्थान पर ठंडी, गीली पट्टियां लगाकर भी जलन और दर्द को कम कर सकते हैं।