आज के समय की तकनीकी सेवाओं नें जितने ज्यादा कामों को असान कर दिया है उतना ही ज्यादा इस टेक्नीक व्यवस्था ने लोगों को कमजोर भी बना दिया है क्योकि आज के समय के हर काम चलने फिरने के बजाय बिना मेहनत के एक ही जगह पर बैठकर असानी के साथ पूरे हो जाते है जिससे इंसान विकलांग बनता जा रहा है। क्योकि एक ही जगह पर बैठकर लगातार काम करने से कई तरह की शारीरिक समस्याये पैदा होने लगती है। ज्यादातर ये समस्यायें ऑफिस में काम करने वालों में ज्यादा देखी जा रही है क्योकि उनको काम के दबाव के कारण घंटों सीट पर बैठकर काम करना पड़ता है जिससे रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं।  पर क्या आप जानते है कि बैठकर लगातार काम करते रहने से  ये आदत आपके लिए कितनी हानिकारक साबित हो सकती है जानें इससे होने वाली समस्याओं के बारें में…

बैठकर काम करना

हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार हम आपको बताएंगे कि ज्यादा देर तक बैठे रहने से आपको किस किस तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

बढ़ता है वजन

बढ़ता है वजन

ज्यादा देर तक बैठेकर काम करने से आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

बढ़ता है डाइबिटीज का खतरा

यदि आपकी लाइफस्टाइल बेहद सुस्त है तो इससे शरीर का फेट तेजी के साथ बढ़ता है जिससे आपको डाइबिटीज के होने का खतरा काफी अधिक हो सकते है। जानकारों के अनुसार लंबे समय तक बैठे रहने शरीर में सुस्ती बनी रहती है और आने वाले समय में डायबिटीज का खतरा बढ़ने लगता है।

शरीर में दर्द

शरीर में दर्द

लंबे समय तक बैठकर काम करने से कमर कंधे के साथ गर्दन से जुड़ी बीमारियां होने लगती है। यदि आपके इन हिस्सों में लगातार दर्द हो रहा है तो समझ जाइए की लंबे समय तक बैठने से ये समस्यायें हो रही है। आपको सतर्क हो जाना चाहिए।

हो सकती है आपको दिल की बीमारी

हो सकती है आपको दिल की बीमारी

लंबे समय तक बैठ कर काम करने से दिल से संबंधित बीमारी के होने का खतरे अधिक बढ़ जाते है। क्योकि  लगातार बैठे रहने से शरीर का फेट बढ़ता है जिस कारण फैटी एसिड आर्टरीज में जमा होने लगते हैं। जो हार्ट से जुड़ी बीमारी का कारण बनते है।

दिमाग पर होता है बुरा असर

दिमाग पर होता है बुरा असर

शोधों के अनुसार जो लोग लंबें समय तक बैठकर काम करते है  उनके दिमाग की यादाश्त वाले हिस्से पर इसका काफी बुरा असर पड़ता है।

खराब पौश्चर

कंप्यूटर के सामने ज्यादा देर तक बैठकर काम करने से रहने से आपके शरीर पर दबाव काफी पड़ता है। जिससे  आप खराब पौश्चर सिंड्रोम के शिकार हो सकते हैं।